नवरात्रि की पंचमी पर क्यों कांपते हैं बड़े-बड़े संकट..? जानिए 'ललिता पंचमी' (त्रिपुरा सुंदरी) का वो गुप्त रहस्य जो हर अधूरी इच्छा को कर देता है सिद्ध!
जय माता दी! 🚩🙏 क्या आप जानते हैं कि शारदीय नवरात्रि की पंचमी तिथि केवल माँ स्कंदमाता की पूजा तक ही सीमित नहीं है? सनातन धर्म के अत्यंत गोपनीय और दुर्लभ तंत्र शास्त्रों में इस दिन का एक ऐसा अलौकिक विधान बताया गया है, जिसके बारे में 90% श्रद्धालुओं को भनक तक नहीं होती! इस महा-पवित्र दिन को शास्त्रों में 'उपांग ललिता पंचमी' (Lalita Panchami) कहा गया है। यह दिन दस महाविद्याओं की अधिष्ठात्री, साक्षात माँ ललिता त्रिपुर सुंदरी के दिव्य प्राकट्य का पावन दिन है। मान्यता है कि इस एक दिन किया गया छोटा सा उपाय भी साधक के जीवन से घोर दरिद्रता और दुर्भाग्य को जड़ से मिटा देता है। 1. भंडासुर के वध का अलौकिक रहस्य पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भंडासुर नामक महाबली दैत्य के अत्याचार से तीनों लोक थर-थर कांप रहे थे और देवताओं की समस्त शक्तियां क्षीण हो चुकी थीं, तब भगवान शिव के ह्रदय से एक परम दिव्य महाशक्ति का प्राकट्य हुआ—माँ ललिता त्रिपुर सुंदरी। माँ ललिता ने अपनी मंद मुस्कान और चक्रव्यूह रचना से भंडासुर की विशाल आसुरी सेना को भस्म कर दिया और धर्म की पुनः प्रतिष्ठा की। इसीलिए कहा जाता है...