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अखंड दीप की बाती कैसे बदले, अगर बुझ जाए तो क्या प्रायश्चित करनी चाहिए..?

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  जय माता दी! 🚩🙏 ​शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर माँ भगवती की कृपा पाने के लिए श्रद्धालु अपने घरों में कलश स्थापना के साथ अखंड ज्योति (Akhand Jyoti) प्रज्वलित करते हैं। नौ दिनों तक निरंतर जलने वाली यह पावन ज्योति घर में सुख, शांति, समृद्धि और दैवीय सकारात्मक ऊर्जा का वास कराती है। ​परंतु अखंड ज्योति की सेवा करते समय भक्तों के मन में दो सबसे बड़े सवाल आते हैं: ​अखंड दीप की बाती पर जब कालिख (गुल) जम जाए, तो मुख्य ज्योति को बुझाए बिना बाती को आगे कैसे बढ़ाएं? ​यदि किसी कारणवश या हवा के झोंके से अखंड दीप बुझ जाए, तो क्या दोष लगता है और इसका शास्त्र सम्मत प्रायश्चित क्या है? ​आइए जानते हैं इन दोनों प्रश्नों के सरल, सटीक और शास्त्रसम्मत समाधान। ​ 1. अखंड दीप की बाती कैसे बदलें या आगे बढ़ाएं? ​अखंड ज्योति नौ दिनों तक जलती है, इसलिए उसकी बाती के आगे का भाग जलकर काला हो जाता है और लौ धीमी पड़ने लगती है। इसे ठीक करने का सही नियम इस प्रकार है: ​साक्षी दीपक प्रज्वलित करें: अखंड दीप को कभी भी सीधे हाथ से नहीं छूना चाहिए और न ही एकाएक उसकी बाती खींचनी चाहिए। सबसे पहले मुख्य अखंड ज्योति की लौ ...